ताजा खबरे

प्रॉपर्टी पर जॉइंट लोन लेने की है योजना, क्या सही तरीका









Joint Loan On Property : घर खरीदना महंगा सौदा है ! इसमें काफी पैसा लगता है ! इसलिए लोग होम लोन ( Home Loan ) का सहारा लेते हैं ! आमतौर पर लोग एक ही व्यक्ति के नाम पर कर्ज लेते हैं ! हालांकि, कभी-कभी ऐसा भी होता है ! कि लोग किसी और के साथ जॉइंट लोन ( Joint Loan ) की खरीदारी करते हैं ! इसके कारण विभिन्न परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं ! उदाहरण के लिए, अकेले कर्जदार का कर्ज चुकाने में असमर्थ होना ! या डाउनपेमेंट के लिए पैसा नहीं होना आदि !

Joint Loan On Property

Joint Loan On Property

जिस तरह हर सिक्के के दो पहलू होते है ! उसी तरह हर काम के कुछ फायदे भी हो सकते है ! और कुछ नुकसान भी ! वित्तीय मामलों में, यह बिल्कुल सच है ! संयुक्त ऋण ( Home Loan ) भी इसी श्रेणी में आता है और इसके भी दो पहलू हैं ! आज हम आपको ज्वाइंट लोन से जुड़ी मुख्य बातें बताएंगे ताकि आप तय कर सकें कि यह आपके लिए कितना सही है !

जाने क्या फायदे है

  • अगर दोनों कर्जदारों की आर्थिक स्थिति मजबूत है ! तो कर्ज की रकम बढ़ाई जा सकती है ! यहां, मजबूत वित्त होने का मतलब पर्याप्त आय और बेहतर क्रेडिट स्कोर ( Credit Score ) होना है ! ऋण ( Home Loan ) लेने के लिए कुछ बुनियादी मानदंड हैं ! यदि दोनों आवेदक इसे पूरा करते है ! तो ऋण राशि बढ़ाई जा सकती है !
  • संयुक्त ऋण के मामले में, दोनों व्यक्ति कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं ! बशर्ते कि दोनों व्यक्ति उस संपत्ति के मालिक/सह-मालिक हों ! उन्हें इनकम टैक्स ( Income Tax ) के एक सेक्शन के तहत 1.5 लाख रुपये और दूसरे सेक्शन के तहत 2 लाख रुपये तक का टैक्स बेनिफिट मिल सकता है !
  • गौरतलब है ! कि यह टैक्स बेनिफिट दोनों लोग ले सकते है ! यानी यह कुल 7 लाख रुपये तक का टैक्स बेनिफिट हो सकता है ! हालांकि, आपको कितना लाभ मिलेगा यह आपकी संपत्ति के मूल्य पर निर्भर करता है !
  • जॉइंट लोन ( Joint Loan ) में ईएमआई का पूरा बोझ किसी एक व्यक्ति पर नहीं पड़ता है ! इसलिए यह आपकी जेब पर कर्ज का बोझ कम करने में मदद करता है ! साथ ही अगर आप परिवार की किसी महिला सदस्य को सह-उधारकर्ता बनाते है ! तो कर्ज की ईएमआई भी कम हो सकती है !

क्या नुकसान है

  • यदि कोई सह-उधारकर्ता गृह ऋण ईएमआई चुकाने में विफल रहता है, तो दोनों उधारकर्ताओं के लिए क्रेडिट स्कोर ( Credit Score ) खराब होगा !
  • वैसे तो सह-मालिक बनाते समय संपत्ति में हिस्सा तय होता है ! लेकिन कई बार अलग होने के कारण शेयर को लेकर मामला कोर्ट तक पहुंच जाता है ! और वहां से निकल जाना एक जटिल प्रक्रिया बन जाती है.
  • यदि आप अपने जीवनसाथी के साथ ज्वाइंट लोन ( Joint Loan ) लेते है ! और बाद में आपका तलाक हो जाता है ! तब भी मामला कोर्ट तक पहुंचने की संभावना रहती है !
  • यदि एक कर्जदार ईएमआई पर भुगतान करता है ! तो दूसरे को इसकी भरपाई करनी होगी ! यह संयुक्त ऋण लेने के उद्देश्य को विफल कर देगा !

क्या ज्वाइंट लोन लेना सही है : Joint Loan On Property

सह-उधारकर्ता बनने से पहले तय करें ! कि आप संपत्ति में हिस्सेदार होंगे या नहीं ! सह-उधारकर्ता होने का मतलब यह नहीं है ! कि आप उस संपत्ति में भी हिस्सेदार बन जाएं ! संयुक्त ऋण ( Home Loan ) लेते समय साथी उधारकर्ता की पसंद बहुत महत्वपूर्ण होती है ! ताकि बाद में कानूनी पचड़े में पड़ने से बचा जा सके ! अगर आप इन सभी बातों का ध्यान रखते है ! तो महंगा घर खरीदने के लिए जॉइंट होम लोन ( Joint Loan ) बेहतर विकल्प साबित हो सकता है !

यह भी जाने :-

UCO Bank FD Rate : UCO बैंक ने FD पर ब्याज दरें में की बढ़ोतरी, इस स्मॉल फाइनेंस बैंक ने भी ब्याज दरो

NPS And APY Rules : अब UPI और PFRDA के माध्यम से पेंशन योगदान संभव सुविधा, यहाँ देखे

Punjab National Bank FD Scheme : पंजाब नेशनल बैंक FD पर दे रहा है सबसे ज्यादा ब्याज, जानें ब्याज दर







Back to top button
%d bloggers like this: